राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मेलन में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े अहम मुद्दों पर हुआ मंथन, छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ ने वित्त मंत्री को सौंपा 9 सूत्रीय आग्रह पत्र

कवर्धा। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ द्वारा राज्यस्तरीय शिक्षक सम्मेलन एवं शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन रायगढ़ में 3 से 4 जनवरी 2026 तक किया गया। दो दिवसीय इस आयोजन में प्रदेशभर से आए शिक्षक प्रतिनिधियों ने शिक्षा व्यवस्था, शिक्षक संवर्ग और प्रशासनिक संरचना से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चिंतन-मंथन किया। सम्मेलन के उपरांत संघ की ओर से 9 प्रमुख विषयों को समाहित करते हुए एक आग्रह पत्र मुख्य अतिथि ओ पी चौधरी, वित्त मंत्री छत्तीसगढ़ शासन, तथा माननीय सांसद रूपकुमारी चौधरी की उपस्थिति में सौंपा गया।
तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान पर शीघ्र निर्णय की मांग
आग्रह पत्र में सहायक शिक्षकों के तृतीय क्रमोन्नत वेतनमान को लेकर लंबे समय से लंबित मंत्रिमंडलीय स्वीकृति का विषय प्रमुखता से रखा गया। संघ का कहना है कि इस श्रेणी के शिक्षकों की संख्या सीमित होने के बावजूद निर्णय में विलंब से असंतोष की स्थिति बनी हुई है, जबकि व्यय गणना पूर्व में ही पूर्ण की जा चुकी है।
प्रांतीय कार्यालय हेतु भूखंड और शिक्षा आयोग का पुनर्गठन
संघ ने राष्ट्रहित, शिक्षाहित, शिक्षार्थी हित एवं शिक्षक हित से जुड़ी गतिविधियों के संचालन के लिए नया रायपुर में रियायती दर पर प्रांतीय कार्यालय हेतु भूखंड प्रदाय करने की मांग की। साथ ही छत्तीसगढ़ शिक्षा आयोग को पुनर्गठित कर उसे सक्रिय किए जाने पर भी जोर दिया गया।
भर्ती-पदोन्नति नियम और पदोन्नतियों में नियमितता
भर्ती पदोन्नति नियम 2025 के तैयार होने के बावजूद शासन स्तर पर लंबित होने का उल्लेख करते हुए इसके शीघ्र प्रकाशन की आवश्यकता बताई गई। संघ का मत है कि नियमों के लागू होने से शिक्षक संवर्ग के लंबे समय से चल रहे संघर्ष को विराम मिलेगा। इसके साथ ही शिक्षा विभाग में प्रभारवाद समाप्त कर शिक्षक से लेकर अपर संचालक स्तर तक प्रतिवर्ष पदोन्नतियां सुनिश्चित करने की मांग भी आग्रह पत्र में शामिल रही।
उपस्थिति व्यवस्था, सेवा गणना और विद्यालयीय पद
विद्यालयवार बायोमैट्रिक डिवाइस के माध्यम से उपस्थिति सुनिश्चित करने, VSK ऐप आधारित व्यवस्था को प्रतिस्थापित करने, एल.बी. संवर्ग की सेवा गणना प्रथम नियुक्ति तिथि से करने तथा पेंशन प्रकरणों के समुचित निराकरण की मांग भी प्रमुख रूप से रखी गई। RMSA अंतर्गत हाईस्कूलों में संस्कृत विषय के व्याख्याताओं के समाप्त किए गए पदों को पुनः सृजित करने के साथ नृत्य, लिपिक एवं स्वीपर पदों को पुनर्जीवित करने का आग्रह किया गया।
संविलियन और राजपत्र प्रकाशन का विषय
सहायक शिक्षक से ग्रंथपाल पद पर पदोन्नति अथवा संविलियन किए जाने के बावजूद अब तक राजपत्र में प्रकाशन और स्पष्ट नियमों के अभाव का मुद्दा भी संघ ने उठाया, जिसे शीघ्र सुलझाने की आवश्यकता बताई गई।
कबीरधाम जिले की सक्रिय सहभागिता
राज्यस्तरीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ जिला–कबीरधाम के जिला अध्यक्ष रामशरण चंद्रवंशी, जिला उपाध्यक्ष संजय धुर्वे, रघुनंदन गुप्ता, जिला संरक्षक मालिकराम ठाकुर, नकुल पनागर, जिला सह सचिव कपिलदास मानिकपुरी, पंडरिया ब्लाक अध्यक्ष कमलेश पाठक सहित भूपेंद्र सुनहरे, सुमित पाण्डेय, आशीष मिश्रा, शिव झारिया, नूतन जायसवाल, कमलेश झारिया, दिनेश निषाद, प्रेम झारिया सहित अन्य शिक्षकों की उल्लेखनीय सहभागिता रही।





