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बिहार में NDA की ऐतिहासिक सुपर-वापसी: BJP मुख्यालय पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, कार्यकर्ताओं को कर रहे है संबोधित — देखें LIVE संबोधन

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 ने राजनीति में वह मोड़ दे दिया है, जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी। भारी मतदान और कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद एनडीए (NDA) ने अप्रत्याशित तरीके से बाज़ी मारते हुए स्पष्ट और प्रचंड बहुमत हासिल कर लिया है। नतीजों की घोषणा के साथ ही दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी के मुख्यालय में जश्न की लहर दौड़ पड़ी। इसी उत्साह के बीच प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी मुख्यालय पहुँच चुके हैं और विशाल जनसमूह के बीच कार्यकर्ताओं को संबोधित कर रहे हैं।

BJP मुख्यालय में ऐतिहासिक जश्न, मोदी के पहुंचते ही गूंजा ‘मोदी-मोदी’

नतीजों के रुझानों ने जैसे ही NDA की एकतरफा बढ़त का संकेत दिया, भाजपा मुख्यालय में उत्साह अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया। ढोल-नगाड़ों की थाप, पटाखों की रौशनी और कार्यकर्ताओं की गूंजती आवाज़ों ने पूरे परिसर को त्योहार जैसा माहौल दे दिया। इसी भारी उत्साह के बीच प्रधानमंत्री मोदी के पहुँचते ही माहौल और अधिक उग्र हो उठा। मंच पर जैसे ही वह दिखाई दिए, उपस्थित कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारों से उनका स्वागत किया, और पूरा मुख्यालय मोदी-मोदी के नारों से गूंज उठा।

नीतीश कुमार की प्रतिक्रिया—‘बिहार ने विकास के मॉडल पर भरोसा जताया’

एनडीए (NDA) की विशाल जीत के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार की जनता ने विकास और सुशासन की दिशा में चल रही नीतियों को मजबूत समर्थन दिया है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के सहयोग और नेतृत्व की तारीफ करते हुए कहा कि यह जनादेश बिहार को देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा करने की दिशा में बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी सहयोगी दलों को भी धन्यवाद दिया।

पीएम मोदी का राष्ट्र को संदेश—‘सुशासन और सामाजिक न्याय की निर्णायक जीत’

नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि “यह जीत विकास, सुशासन और सामाजिक न्याय की जीत है।” उन्होंने बिहार की जनता को ‘परिवारजन’ बताते हुए कहा कि यह भारी समर्थन 2025 के बाद की नई विकास-यात्रा को और तेज़ करेगा। उन्होंने कहा कि यह जनादेश एनडीए सरकार को नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ जनता की सेवा करने की शक्ति देता है।

नतीजों का विश्लेषण: जनादेश की पृष्ठभूमि और राजनीतिक बदलाव की दिशा

दो चरणों में हुए मतदान ने बिहार की राजनीतिक तस्वीर को पहले ही झुकाव दे दिया था। पहले चरण के 65 प्रतिशत और दूसरे चरण के लगभग 69 प्रतिशत मतदान ने संकेत दिया कि जनता मन बना चुकी है। युवा, महिलाएँ और ग्रामीण वोटरों की सक्रिय भागीदारी ने इस चुनाव को निर्णायक रूप दिया। तेजस्वी यादव और महागठबंधन के आक्रामक प्रचार के बावजूद मतदाताओं ने स्थिर शासन और विकास की निरंतरता को प्राथमिकता दी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह जनादेश आने वाले वर्षों में बिहार के विकास मॉडल और राजनीतिक संतुलन को नई दिशा देगा।

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Editorial Desk

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