Surrender of Naxalite Leaderis A Big Achievement: नक्सली लीडर देवजी का आत्मसमर्पण बड़ी उपलब्धि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

नक्सली लीडर देवजी के आत्मसमर्पण को राज्य सरकार और सुरक्षा बलों के लिए बड़ी सफलता बताते हुए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि पिछले दो वर्षों से जवानों को लगातार महत्वपूर्ण कामयाबी मिल रही है। उन्होंने देवजी के सरेंडर को एक निर्णायक उपलब्धि करार दिया और बताया कि संग्राम ने भी आत्मसमर्पण किया है।
बालौदाबाजार रवाना होने से पहले पत्रकारों से चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इन घटनाओं से स्पष्ट है कि नक्सली संगठन कमजोर पड़ चुके हैं और उनकी कमर टूट चुकी है। प्रदेश में शांति और विकास की दिशा में सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।
#WATCH | Raipur, Chhatisgarh: On Top Maoist Leader Surrenders, Chhatisgarh CM Vishnu Deo Sai says, “… It is a great success for our security forces, who are constantly engaged in operations. The surrender of Maoist leader Deva is a major achievement, as he was a Politburo… pic.twitter.com/A5LsMsdlru
— ANI (@ANI) February 22, 2026
मुख्यमंत्री ने सुरक्षा बलों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि राज्य और केंद्र सरकार के समन्वित प्रयास, आधुनिक रणनीतियां और जमीनी स्तर पर की गई सटीक कार्रवाई का असर अब दिखाई देने लगा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है, जिसके चलते कई नक्सली संगठन कमजोर हुए हैं और आत्मसमर्पण की प्रवृत्ति बढ़ी है।
उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में और भी सकारात्मक परिणाम मिलेंगे तथा प्रदेश नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री साय ने अपने दौरे की जानकारी देते हुए बताया कि वे गिरौदपुरी स्थित गुरु घासीदास की तपोस्थली में आयोजित मेले के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि यह स्थल प्रदेश की आस्था और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। वहां पूजा-अर्चना कर वे प्रदेश की खुशहाली, शांति और समृद्धि की कामना करेंगे।
मुख्यमंत्री के अनुसार, यह मेला सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक एकता का महत्वपूर्ण अवसर है।
प्रदेश में धर्मांतरण को लेकर चल रही सियासी बहस पर मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है और आगामी बजट सत्र में विधेयक लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विधेयक से संबंधित विस्तृत जानकारी उचित समय पर साझा की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने संकेत दिया कि प्रस्तावित विधेयक का उद्देश्य सामाजिक संतुलन बनाए रखना और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करना है। उन्होंने कहा, “थोड़ा इंतजार करिए,” जिससे साफ है कि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाने की तैयारी में है।
नक्सलियों के आत्मसमर्पण की घटनाएं जहां सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ा रही हैं, वहीं धर्मांतरण विधेयक को लेकर बजट सत्र में संभावित चर्चा राजनीतिक हलकों में उत्सुकता का विषय बनी हुई है। मुख्यमंत्री साय ने दोहराया कि सरकार प्रदेश में शांति, विकास और सामाजिक सौहार्द को प्राथमिकता देते हुए आगे बढ़ रही है।





