
रायपुर। विश्व रेडियो दिवस के अवसर पर राजधानी रायपुर के एक निजी होटल में राष्ट्रीय स्तर के कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और रेडियो की भूमिका पर विस्तार से अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में रेडियो कवरेज को विस्तार देने के लिए दो नए ट्रांसमीटर स्थापित किए जाएंगे। ये ट्रांसमीटर अंबिकापुर और सरायपाली में लगाए जाएंगे। इनके शुरू होने से छत्तीसगढ़ में रेडियो प्रसारण का दायरा और अधिक व्यापक हो जाएगा।
सीएम से ने कहा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने ‘मन की बात‘ के लिए रेडियो को चुना। यह रेडियो में प्रसारित होने वाला सर्वाधिक लोकप्रिय कार्यक्रम है। रेडियो ने गाँवों तक समाचार, शिक्षा और जनसंपर्क पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। छत्तीसगढ़ी, गोंडी और हल्बी में प्रसारण, किसानों और ग्रामीण अंचलों के लिए उपयोगी जानकारी पहुँचाने में सहायक है। रेडियो से कृषि, ग्रामीण विकास और जनकल्याण से जुड़े कार्यक्रम नियमित रूप से प्रसारित होते हैं।
सूचना क्रांति के दौर में भी रेडियो की मजबूत पहचान
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि वर्तमान समय सूचना क्रांति का युग है, जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसके बावजूद रेडियो अपनी विश्वसनीयता, सरलता और व्यापक पहुंच के कारण आज भी जनसंचार का सशक्त माध्यम बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि आकाशवाणी देश का सबसे विश्वसनीय संचार माध्यम है, जो आम जनता की जरूरतों और रुचियों के अनुरूप कार्यक्रम प्रस्तुत करता है।
‘मन की बात’ से साबित हुई रेडियो की ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने लोकप्रिय कार्यक्रम ‘मन की बात’ के लिए रेडियो को ही माध्यम के रूप में चुना है। यह इस बात का प्रमाण है कि रेडियो आज भी जन-जन तक प्रभावी ढंग से अपनी बात पहुंचाने में सक्षम है।
उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में आकाशवाणी के छह स्टेशन लंबे समय से संचालित हो रहे हैं। रायपुर से विविध भारती सेवा का प्रसारण किया जा रहा है, जबकि अंबिकापुर में प्राइमरी स्टेशन कार्यरत है।
समाज को जोड़ने का सशक्त माध्यम
विश्व रेडियो दिवस की शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि रेडियो केवल सूचना का माध्यम नहीं है, बल्कि यह समाज को जोड़ने, जागरूक करने और संवाद स्थापित करने का भी प्रभावी जरिया है।
प्रदेश में नए ट्रांसमीटर स्थापित होने से दूरस्थ क्षेत्रों तक भी सूचना और जनहित कार्यक्रमों की पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी।





