अमित शाह का बड़ा ऐलान : 2026 तक बस्तर से खत्म होगा नक्सलवाद, विकास का बनेगा केंद्र

जगदलपुर। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने शनिवार को बस्तर दशहरे के मुरिया दरबार में शामिल होकर स्थानीय प्रतिनिधियों और जनप्रतिनिधियों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के विकास, नक्सलवाद के खात्मे और सांस्कृतिक धरोहरों पर बल देते हुए कई अहम घोषणाएँ कीं।
शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गारंटी के तहत केंद्र सरकार 31 मार्च 2026 तक बस्तर के हर गांव में बिजली, पानी और सड़क उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ के विकास के लिए 4 लाख 40 हजार करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है।

नक्सलवाद पर बोलते हुए गृहमंत्री ने स्पष्ट किया कि “नक्सलवाद से किसी का भला नहीं होगा, यह तय समय पर समाप्त होगा। इसके लिए जनता की सहभागिता भी जरूरी है।” उन्होंने युवाओं से हथियार छोड़कर मुख्यधारा में लौटने की अपील की और छत्तीसगढ़ सरकार की सरेंडर नीति की सराहना की। शाह के अनुसार, बीते एक वर्ष में 500 से अधिक नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है और नक्सली-मुक्त गांवों को राज्य सरकार 1 करोड़ रुपए की सहायता प्रदान कर रही है।
बस्तर दशहरे और मुरिया दरबार की परंपराओं की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोकतांत्रिक मूल्य पूरे देश के लिए आदर्श हैं। शाह ने बताया कि आगामी बस्तर ओलंपिक में देशभर के आदिवासी खिलाड़ी भाग लेंगे, जिससे क्षेत्र की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर और मजबूत होगी।
स्वदेशी के महत्व पर जोर देते हुए गृहमंत्री ने कहा कि व्यापारियों और उपभोक्ताओं को विदेशी वस्तुओं की बजाय स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने बताया कि मोदी सरकार ने 395 दैनिक उपयोग की वस्तुओं पर कर घटाकर 5 प्रतिशत किया है, जिससे आमजन को बड़ी राहत मिली है।
इसके पहले अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी के मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश और देश की सुख-समृद्धि की कामना की।
इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन मंत्री केदार कश्यप, पर्यटन मंत्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े, बस्तर सांसद महेश कश्यप समेत कई सांसद, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।





