Air India को बड़ी राहत: अमेरिका ने फ्लाइट परमिट का दायरा बढ़ाया, कार्गो और चार्टर उड़ानों की मंजूरी

वॉशिंगटन/नई दिल्ली: अमेरिका ने एयर इंडिया को संशोधित विदेशी एयर कैरियर परमिट जारी कर दिया है, जिससे एयरलाइन को भारत और अमेरिका के बीच अपनी उड़ान सेवाओं का दायरा बढ़ाने की अनुमति मिल गई है। इस फैसले के बाद एयर इंडिया अब दोनों देशों के बीच यात्री सेवाओं के साथ-साथ कार्गो और चार्टर उड़ानें भी संचालित कर सकेगी।
अमेरिकी परिवहन विभाग ने इस मामले की समीक्षा पूरी करने के बाद अंतिम आदेश जारी किया। विभाग ने पहले प्रस्तावित फैसले पर आपत्तियां दर्ज कराने के लिए इच्छुक पक्षों को 21 दिनों का समय दिया था, लेकिन निर्धारित अवधि में किसी भी पक्ष ने आपत्ति नहीं जताई। इसके बाद विभाग ने संशोधित परमिट को मंजूरी दे दी।
नए परमिट के तहत एयर इंडिया को भारत और अमेरिका के बीच यात्रियों, माल और डाक के अंतरराष्ट्रीय परिवहन की अनुमति मिलेगी। इसके अलावा एयरलाइन को दुनिया के अन्य अंतरराष्ट्रीय शहरों के लिए भी कार्गो उड़ानें संचालित करने की अनुमति दी गई है। इस फैसले से एयर इंडिया की वैश्विक कनेक्टिविटी और माल परिवहन सेवाओं को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
परमिट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि एयर इंडिया भारत और अमेरिका के बीच चार्टर उड़ानें भी चला सकेगी। इन विशेष उड़ानों के जरिए यात्री, माल और डाक की ढुलाई की जा सकेगी। साथ ही कुछ मामलों में अमेरिका और किसी तीसरे देश के बीच चार्टर सेवा भी संचालित की जा सकती है, बशर्ते वह भारत से जुड़ी एक ही निरंतर उड़ान सेवा का हिस्सा हो। यह संशोधित अनुमति 2 मार्च 2026 से प्रभावी मानी जाएगी।
अमेरिकी नियमों के अनुसार, विदेशी एयरलाइनों को दी जाने वाली ऐसी अनुमतियां राष्ट्रपति या उनके अधिकृत प्रतिनिधि की समीक्षा के अधीन होती हैं। यदि तय अवधि में कोई आपत्ति दर्ज नहीं होती, तो आदेश स्वतः लागू हो जाता है। एयर इंडिया को इस परमिट के तहत अमेरिकी विमानन सुरक्षा नियमों और संघीय एजेंसियों द्वारा निर्धारित मानकों का पालन करना अनिवार्य होगा।
बताया गया है कि एयर इंडिया ने अक्टूबर 2025 में अपने परिचालन अधिकारों के विस्तार के लिए आवेदन किया था। जांच के दौरान अमेरिकी अधिकारियों ने पाया कि एयरलाइन वित्तीय और परिचालन रूप से इन सेवाओं को संचालित करने में सक्षम है और यह निर्णय सार्वजनिक हित के अनुरूप है।
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच हवाई सेवाओं को लेकर एक द्विपक्षीय समझौता मौजूद है, जिसके तहत दोनों देशों की एयरलाइनों को आपसी मार्गों पर उड़ानें संचालित करने की अनुमति है। व्यापार, पर्यटन और अमेरिका में बड़ी संख्या में रहने वाले भारतीय समुदाय के कारण हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच हवाई यातायात में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।





