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छत्तीसगढ़

बिलासपुर गार्ड हत्याकांड: जेल बदलने से पहले ही बाल अपराधियों ने तैयार कर ली थी साजिश

बिलासपुर.

छत्तीसगढ़ की न्यायधानी बिलासपुर के सरकंडा स्थित बाल संप्रेक्षण गृह से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां 4 लड़कों ने जेल शिफ्ट होने से पहले चौकीदार की हत्या का प्लान बनाया और घटना को अंजाम देकर फिल्मी अंदाज में भाग निकले। सरकंडा पुलिस ने जुर्म दर्ज कर उनकी तलाश शुरु कर दी है।

जानिए पूरा मामला
तखतपुर क्षेत्र के अरईबंद गांव निवासी नरेंद्र कुमार खांडे पिछले करीब एक साल से बाल संप्रेक्षण गृह में नाइट चौकीदार के रूप में कार्यरत था। उसकी संविदा नियुक्ति हुई थी। शुरुआती जांच में पता चला कि रविवार रात करीब 11 से 12 बजे के बीच लड़कों ने चौकीदार के साथ मारपीट की। उसके हाथ-पैर बांध दिए और गला दबाने के साथ मुंह में गमछा ठूंस दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।

इस तरह हुए फरार
जांच में सामने आया है कि वारदात के बाद आरोपी लड़के दूसरे चौकीदार की बाइक और परिसर के ताले की चाबी लेकर फरार हुए। चारों आरोपी पहले भवन की छत पर पहुंचे। वहां से छोटी छत पर उतरे और सुरक्षा के लिए लगाए गए कांटेदार तार को हटाया। इसके बाद लकड़ी की सीढ़ी के सहारे नीचे आए। पुलिस ने परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू किया, तो पता चला कि जाते-जाते बदमाश सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर निकाल कर साथ ले गए हैं।

खड़े हुए सवाल
जांच में यह बात सामने आई है, कि आम तौर पर बाल संप्रेक्षण गृह के जिम्मेदार अधिकारियों ने विधि के साथ संघर्षरत बालकों को अलग-अलग कमरा अलॉट किया था। इसके बावजूद प्लानिंग के तहत सभी रविवार की रात एक साथ रुक गए, लेकिन सवाल यह है कि जिम्मेदारों ने उन्हें ऐसा करने क्यों दिया?

परिजनों ने की मुआवजा और नौकरी की मांग
आखिरकार हत्या और फरारी के बावजूद इसकी भनक किसी को कैसे नहीं लगी। इधर परिजनों ने मुआवजा व नौकरी की मांग को लेकर महिलाओं बच्चों के साथ बाल संप्रेक्षण गृह के सामने रात गुजारी। इस वारदात के बाद पूरी रात चौकीदार की लाश पहली मंजिल पर ही पड़ी रही।

बाल अपचारियों की तलाश में पुलिस
बाल अपचारियों की तलाश में पुलिस ने अलग-अलग टीमों को सक्रिय कर दिया है। फॉरेंसिक टीम सीसीटीवी फुटेज और घटनास्थल से बरामद साक्ष्य की जांच कर रही है।

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