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छत्तीसगढ़

आस्था की राह पर छत्तीसगढ़ के श्रद्धालु, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की रामलला दर्शन योजना बनी सहारा

रायपुर

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की महत्वाकांक्षी  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेशवासियों को निरंतर प्रभु राम के दर्शन का सौभाग्य मिल रहा है। इसी कड़ी में आज बिलासपुर रेलवे स्टेशन से बिलासपुर संभाग के सभी जिलों के 850 श्रद्धालुओं को लेकर विशेष ट्रेन अयोध्या धाम के लिए रवाना हुई। श्रद्धा, उत्साह और धार्मिक उल्लास से भरे माहौल में जनप्रतिनिधियों ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

विशेष ट्रेन से रवाना हुए श्रद्धालुओं के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक पर्यटन नहीं, बल्कि प्रभु राम की जन्मभूमि अयोध्या धाम और काशी विश्वनाथ की पावन नगरी के आध्यात्मिक दर्शन का अविस्मरणीय अवसर है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को अयोध्या में  रामलला के दर्शन के साथ ही वाराणसी में काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन का भी सौभाग्य प्राप्त होगा।

हरी झंडी दिखाकर विशेष ट्रेन को किया गया रवाना

बिलासपुर रेलवे स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में बेलतरा विधायक  सुशांत शुक्ला, जिला पंचायत अध्यक्ष  राजेश सूर्यवंशी एवं जिला पंचायत सभापति मती भारती नीरज माली सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर अयोध्या धाम के लिए रवाना किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु, उनके परिजन तथा जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

ट्रेन के रवाना होने से पहले रेलवे स्टेशन परिसर में भक्तिमय वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं में प्रभु राम के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दिया। कई श्रद्धालु जय राम के जयकारे लगाते हुए अपनी यात्रा को लेकर भावुक नजर आए। परिजनों ने भी अपने प्रियजनों को मंगलमय यात्रा की शुभकामनाएं देकर विदा किया।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा—धार्मिक यात्राएं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री  राजेश अग्रवाल ने कहा कि  रामलला दर्शन योजना छत्तीसगढ़ वासियों को देश की  धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। अयोध्या धाम में प्रभु राम के दर्शन और काशी विश्वनाथ की पावन नगरी की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेशवासियों की आस्था और भावनाओं का सम्मान करते हुए उन्हें प्रमुख तीर्थस्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध करा रही है।

 अग्रवाल ने कहा कि अयोध्या और काशी केवल तीर्थस्थल ही नहीं, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति, परंपरा और आध्यात्मिक चेतना के प्रमुख केंद्र हैं। इन स्थलों की यात्रा से श्रद्धालुओं को हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को करीब से जानने और अनुभव करने का अवसर मिलता है। उन्होंने बिलासपुर संभाग से यात्रा पर रवाना हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए उनकी मंगलमय एवं सुखद यात्रा की कामना की।

अयोध्या के साथ काशी विश्वनाथ के भी होंगे दर्शन

 रामलला दर्शन योजना के अंतर्गत आयोजित इस यात्रा में श्रद्धालुओं को अयोध्या धाम में  रामलला के भव्य मंदिर के दर्शन का अवसर मिलेगा। इसके साथ ही यात्रा के दौरान वाराणसी पहुंचकर श्रद्धालु बाबा काशी विश्वनाथ के दर्शन भी करेंगे।

अयोध्या और काशी की यह संयुक्त धार्मिक यात्रा श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखती है। एक ओर अयोध्या भगवान राम की जन्मभूमि और सनातन आस्था का प्रमुख केंद्र है, वहीं काशी विश्वनाथ धाम भगवान शिव की आराधना का विश्वविख्यात तीर्थ है। दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों की यात्रा श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभूति से परिपूर्ण होगी।

प्रदेश के 50 हजार से अधिक नागरिकों को मिल चुका है दर्शन का लाभ

मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित  रामलला दर्शन योजना प्रदेश के नागरिकों को धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है। योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश के 50 हजार से अधिक नागरिक  रामलला के दर्शन का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों के नागरिकों, विशेषकर उन लोगों को लाभ मिल रहा है, जिनके लिए अयोध्या और अन्य प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा व्यक्तिगत स्तर पर कर पाना कठिन होता है।

श्रद्धालुओं और परिजनों में दिखा उत्साह

बिलासपुर से विशेष ट्रेन के रवाना होने के अवसर पर स्टेशन पर श्रद्धालुओं और उनके परिजनों के बीच उत्साह का माहौल रहा। यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उमंग दिखाई दी। लोगों ने कहा कि प्रभु राम के दर्शन का अवसर मिलना उनके लिए सौभाग्य और जीवन का यादगार क्षण है।

श्रद्धालुओं ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि  रामलला दर्शन योजना के माध्यम से उन्हें अयोध्या धाम जाने और प्रभु राम के दर्शन करने का अवसर मिला है। काशी विश्वनाथ के दर्शन भी इस यात्रा को और अधिक विशेष बना रहे हैं।

प्रशासन, टूरिज्म बोर्ड और आईआरसीटीसी ने संभाली व्यवस्थाएं

यात्रा को सुचारू, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने के लिए जिला प्रशासन, छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड एवं आईआरसीटीसी के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा, यात्रा प्रबंधन और आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए संबंधित विभागों द्वारा समन्वय के साथ कार्य किया गया।

यह धार्मिक यात्रा छत्तीसगढ़ सरकार की उस प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करती है, जिसके माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों से जोड़ने तथा उनकी आस्था को सम्मान देने का प्रयास किया जा रहा है।

आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता का संगम

बिलासपुर संभाग से 850 श्रद्धालुओं को लेकर रवाना हुई यह विशेष ट्रेन आस्था, संस्कृति और आध्यात्मिकता के संगम की यात्रा है। अयोध्या में  रामलला के दर्शन और काशी में बाबा विश्वनाथ की आराधना का अवसर श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय अनुभव बनेगा।

 रामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के नागरिकों को देश की समृद्ध धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का यह सिलसिला निरंतर जारी है। बिलासपुर से रवाना हुई विशेष ट्रेन में सवार श्रद्धालुओं के चेहरों पर दिखाई दे रहा उत्साह इस बात का प्रमाण है कि प्रभु राम के दर्शन की अभिलाषा हर श्रद्धालु के लिए कितनी भावपूर्ण और आत्मिक अनुभूति है।

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