चंद्रमा का मकर राशि में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा सावधान

वैदिक ज्योतिष में चंद्रमा को मन, मानसिक स्थिति, माता और भावनाओं का स्वामी माना जाता है, जबकि शनि देव न्याय, अनुशासन, संघर्ष और कठिन परिश्रम के कारक ग्रह हैं. 21 सितंबर 2026 यानी आज चंद्रमा देवगुरु बृहस्पति की राशि धनु से निकलकर अपने परम शत्रु शनि देव की राशि मकर (Capricorn) में प्रवेश करने जा रहे हैं.
ज्योतिष शास्त्र में शनि की राशि में चंद्रमा का गोचर मानसिक तनाव, कार्यों में देरी और भावनात्मक उथल-पुथल लाने वाला माना जाता है. इस दौरान व्यक्ति को बनते हुए कामों में रुकावटों का सामना करना पड़ सकता है. 21 सितंबर से शुरू हो रहा चंद्रमा का यह गोचर मुख्य रूप से 3 राशियों के लिए थोड़ा सतर्क रहने और संभलकर चलने का संकेत दे रहा है. आइए जानते हैं किन राशियों को इस दौरान सावधानी बरतने की आवश्यकता है.
मिथुन राशि (Mithun Rashi)
अशुभ स्थिति: चंद्रमा आपकी राशि से आठवें (अष्टम – आयु, संकट व अचानक उतार-चढ़ाव) भाव में गोचर करेंगे.
बढ़ सकती हैं ये परेशानियां: आठवें भाव में चंद्रमा का होना मानसिक तनाव और अज्ञात भय दे सकता है. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों या अधिकारियों के साथ किसी बात पर मतभेद हो सकता है. वाहनों के प्रयोग और खान-पान में विशेष सावधानी बरतें, स्वास्थ्य बिगड़ सकता है. इस दौरान कोई भी नया बड़ा निवेश करने से बचें.
सिंह राशि (Leo Rashi)
अशुभ स्थिति: चंद्रमा आपकी राशि से छठे (छठा – रोग, ऋण व शत्रु) भाव में गोचर करने जा रहे हैं.
बढ़ सकती हैं ये परेशानियां: आपके गुप्त शत्रु या विरोधी सक्रिय हो सकते हैं और आपके बनते कामों में बाधा डालने का प्रयास करेंगे. स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है, विशेष रूप से पेट या मानसिक थकान से जुड़ी समस्याएं परेशान कर सकती हैं. पैसों के लेन-देन में सावधानी रखें, बिना सोचे-समझे किसी को उधार न दें.
धनु राशि (Dhanu Rashi)
अशुभ स्थिति: आपकी राशि से दूसरे (धन, वाणी व कुटुंब) भाव में चंद्रमा का गोचर होगा.
बढ़ सकती हैं ये परेशानियां: आपकी वाणी में कड़वाहट या कठोरता आ सकती है, जिससे परिवार के सदस्यों या व्यापारिक पार्टनर के साथ अनबन की स्थिति बन सकती है. अचानक से कुछ अप्रत्याशित खर्चे सामने आ सकते हैं, जिससे आपका बजट बिगड़ सकता है. बातचीत के दौरान अपने शब्दों का चयन सोच-समझकर करें.
चंद्रमा के गोचर के दुष्प्रभाव से बचने के उपाय
– सोमवार या इस गोचर के दौरान नियमित रूप से शिवलिंग पर शुद्ध जल व अक्षत अर्पित करें और ऊं नमः शिवाय का जाप करें.
– शनि की राशि में चंद्रमा का नकारात्मक प्रभाव दूर करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ करें.
– जरूरतमंदों को दूध, चावल या चीनी का दान करें और इस दौरान व्यर्थ के वाद-विवाद से खुद को दूर रखें.





