धर्म स्वातंत्र्य विधेयक पारित : विपक्ष की गैर मौजूदगी में हुई लंबी चर्चा, सीएम साय बोले अशिक्षा-गरीबी का फायदा उठाने वालों पर लगेगी रोक, गृहमंत्री शर्मा बोले- शहरों तक पहुंच चुकी थी धर्मातरण की आग

रायपुर। छत्तीसगढ़ बहुप्रतीक्षित धर्म स्वातंत्र्य विधेयक विपक्ष की गैर मौजूदगी में पारित हो गया है। विधानसभा में लंबी चर्चा के बाद विधेयक पारित हो गया है। धर्मांतरण कानून पर सीएम विष्णुदेव साय ने कहा कि, अशिक्षा का गरीबी का फायदा उठा रहे थे उन पर रोक लगेगी। धर्मांतरण करने वाले लोगों को सूचना देना पड़ेगा। एक सप्ताह के अंदर नोटिस जारी होगा। अब कठोर कानून है, आर्थिक दंड भी ज्यादा है और आजीवन कारावास तक की सजा है।
उन्होंने आगे कहा कि, इस तरह के कानून से धर्मांतरण पर प्रतिबंध लगेगा। विपक्ष की मानसिकता सोचने का विषय है जो गलत करते उनके खिलाफ में बोलना चाहिए। गलत बोलने वालों के साथ कांग्रेस खड़ी है। धर्मांतरण के चलते लोगों के संस्कार बदल जाते हैं। विपक्ष ने पलायन किया है, इससे उनसे उनकी मानसिकता का पता चलता है।
धर्मांतरण की आग अब जंगल से शहरों की ओर पहुंच रही- विजय शर्मा
विधेयक पर चर्चा के दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि, धर्मांतरण की आग अब जंगल से शहरों की ओर आ चुकी है। इस कानून की लंबे समय से जरूरत महसूस की जा रही थी। आज इतने अहम विधेयक के समय विपक्ष सदन में मौजूद नहीं है। यह बहिर्गमन नहीं पलायन है, क्योंकि उनके वोटबैंक पर चोट लगेगी। हम यह विधेयक संविधान के दायरे के तहत लेकर आए हैं। हमने जिलों से धार्मिक स्थलों के निर्माण की जानकारी मंगाई। जिलों में धार्मिक स्थलों के निर्माण के लिए अनुमति नहीं ली गई। लेकिन बड़ी संख्या में धार्मिक स्थलों का निर्माण किया गया है।
सत्तापक्ष की ओर से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने की चर्चा शुरू
छत्तीसगढ़ बहुप्रतीक्षित धर्म स्वातंत्र्य विधेयक विपक्ष की गैर मौजूदगी में पारित हो गया है। विधानसभा में लंबी चर्चा के बाद विधेयक पारित हो गया है। सत्तापक्ष की ओर से भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने चर्चा शुरू करते हुए कहा कि, धर्म के आधार पर देश को विभाजित करने का काम कांग्रेस ने किया।
धर्म स्वातंत्र्य विधेयक को खिलौना बना लिया गया- धरमलाल कौशिक
वहीं भाजपा विधायक धरमलाल कौशिक ने कहा कि, धर्मांतरण के साथ ही मतांतरण भी बड़ी समस्या है। आज कल टाइटल चेंज किए बगैर भी मतांतरण हो रहा है। ब्रेनवाश कर दूसरे धर्म का प्रचार किया जाता है। अनुसूचित जाति, जनजाति, ओबीसी को जाल में फंसाते हैं। ऐसे लोगों के लिए कठिन सजा का प्रावधान जरूरी है। इस विधेयक से धर्मांतरण को रोकने में मदद मिलेगी।




