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सहकारी समितियों की हड़ताल बेअसर, प्रदेश में धान खरीदी रफ्तार पर, तीसरे दिन भी बड़ी मात्रा में हुई खरीदी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य तेज गति से जारी है। सहकारी समितियों के कर्मचारियों की हड़ताल के बावजूद प्रदेशभर में धान खरीदी पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है। राज्य के सभी जिलों के उपार्जन केंद्रों में किसानों से निर्बाध रूप से धान की खरीदी हो रही है। धान खरीदी शुरू हुए चार दिन हुए हैं और इस दौरान उपार्जन केंद्रों में धान की आवक भी तेजी से बढ़ी है। औसतन प्रतिदिन दो से ढाई लाख क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है।

17 नवंबर को 2.43 लाख क्विंटल से अधिक धान की खरीदी

खाद्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार 17 नवंबर को प्रदेशभर में कुल 2,43,831 क्विंटल धान समर्थन मूल्य पर खरीदा गया। इसमें 71,603 क्विंटल पतला, 1,05,342 क्विंटल मोटा, तथा 66,886 क्विंटल सरना धान शामिल है।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर उपार्जन केंद्रों में इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, पारदर्शी टोकन प्रणाली, नमी मापक यंत्र और पर्याप्त बारदाना सहित सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने इस वर्ष धान खरीदी हेतु 26,200 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी छत्तीसगढ़ राज्य विपणन संघ को प्रदान की है।

प्रदेश के सभी 33 जिलों में खरीदी शुरू

राज्य के सभी 33 जिलों में धान खरीदी की प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है। 17 नवंबर को 725 उपार्जन केंद्रों में किसानों ने अपना धान बेचा। इस दिन सबसे अधिक खरीदी बेमेतरा जिले में 39,015.2 क्विंटल दर्ज की गई। इसके बाद दुर्ग (27,699.2 क्विंटल), रायपुर (28,272.4 क्विंटल), राजनांदगांव (35,162.4 क्विंटल) और धमतरी (25,227.2 क्विंटल) प्रमुख रहे।

अन्य जिलों में भी खरीदी लगातार जारी है—बलौदाबाजार (19,419.6 क्विंटल), बालोद (19,656 क्विंटल), खैरागढ़-छुईखदान-गंडई (14,322.8 क्विंटल), गरियाबंद (9,106.4 क्विंटल), जीपीएम (2,550 क्विंटल), बीजापुर (137.2 क्विंटल), दंतेवाड़ा (1.6 क्विंटल), सुकमा (24.4 क्विंटल) सहित सभी जिलों से खरीदी के आंकड़े प्राप्त हुए हैं।

उपार्जन केंद्रों में सुचारू व्यवस्था, किसान संतुष्ट

जिलों से मिल रही प्रतिक्रियाओं के अनुसार किसान उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं से संतुष्ट हैं। न तो लंबी प्रतीक्षा करनी पड़ रही है और न ही तौल प्रणाली में किसी प्रकार की समस्या आ रही है। सुविधाओं के बेहतर प्रबंधन के चलते खरीदी केंद्रों में भीड़ बढ़ने के बावजूद प्रक्रिया सहज और व्यवस्थित बनी हुई है।

कुल मिलाकर, सहकारी समितियों की हड़ताल का कोई असर नहीं पड़ा है और प्रदेश में धान खरीदी अभियान रफ्तार पकड़ते हुए सुचारू रूप से जारी है।

R.O. No. : 13538/ 52

Editorial Desk

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