पश्चिम एशिया हालात पर छत्तीसगढ़ सरकार सतर्क, मुख्यमंत्री ने की उच्चस्तरीय समीक्षा

रायपुर। पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों को देखते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी संभागायुक्तों, पुलिस महानिरीक्षकों, कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरक तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी और संवेदनशील नेतृत्व के कारण कोविड जैसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में भी देश एकजुट रहा और उसका सफलतापूर्वक सामना किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कोविड जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन सतर्क रहना आवश्यक है। प्रदेश में पेट्रोलियम पदार्थों, गैस सिलेंडरों और उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, इसलिए नागरिक किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पश्चिम एशिया संकट पर सभी राज्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है और यह आश्वस्त किया गया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रूप से जारी है। राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम की स्थापना की गई है तथा उच्च स्तरीय समिति द्वारा स्थिति की सतत निगरानी की जा रही है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक जिले में भी कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए और प्रभारी सचिव तथा कलेक्टर नियमित समीक्षा करें।
कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के भंडारण और आपूर्ति की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों से टीम भावना के साथ कार्य करते हुए हर परिस्थिति में आम जनता तक सेवाओं की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा।
बैठक में इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि प्रदेश में गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की कोई कमी नहीं है तथा आपूर्ति नियमित रूप से जारी है। गैस सिलेंडरों की ऑनलाइन बुकिंग सामान्य रूप से संचालित हो रही है। उज्ज्वला गैस कनेक्शन के लिए 45 दिन और सामान्य गैस कनेक्शन के लिए 25 दिन की समय सीमा निर्धारित है और उसी के अनुसार बुकिंग की जा रही है।
राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम स्थापित
मुख्य सचिव विकास शील ने बताया कि वर्तमान परिस्थितियों की सतत निगरानी के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। उपभोक्ता घरेलू गैस आपूर्ति से संबंधित समस्याओं, शिकायतों या कालाबाजारी की सूचना 1800-233-3663 पर दे सकते हैं। उन्होंने निर्देश दिए कि इस नंबर का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि आम जनता को सही जानकारी समय पर उपलब्ध हो सके और शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि उर्वरकों की होल्डिंग पर रोक लगाई जाए और दैनिक स्टॉक की नियमित समीक्षा की जाए। सभी किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार समान रूप से उर्वरक उपलब्ध कराया जाए। साथ ही खाद वितरण प्रणाली को और अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनाने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग की जानकारी भी साझा की गई।

महत्वपूर्ण संस्थानों में गैस आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने अस्पतालों, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे, भारत सरकार की संस्थाओं, सैन्य एवं अर्धसैनिक बलों, समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संस्थानों और एयरपोर्ट कैंटीनों में गैस आपूर्ति निर्बाध बनाए रखने के निर्देश दिए।
राज्यभर में कार्रवाई—3841 सिलेंडर जब्त, 97 एफआईआर दर्ज
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेशभर में 335 स्थलों पर छापेमारी की गई, जिसमें कालाबाजारी की कोई पुष्टि नहीं हुई। हालांकि जमाखोरी की सूचना पर कार्रवाई करते हुए 3841 गैस सिलेंडरों को जब्त किया गया तथा 97 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
मुख्यमंत्री साय ने सीमावर्ती चेक पोस्टों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। गैस सिलेंडरों और पेट्रोल-डीजल वाहनों की आवाजाही पर निगरानी रखने के साथ ही यह निर्देश भी दिया गया कि पेट्रोल-डीजल को कंटेनरों में आम जनता को उपलब्ध न कराया जाए। केवल अधिकृत मोबाइल टावरों और जेनसेट संचालित आवश्यक प्रतिष्ठानों को ही कंटेनर में ईंधन उपलब्ध कराया जाए।
बैठक में मुख्य सचिव विकास शील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. बसवराजू एस, कृषि उत्पादन आयुक्त शहला निगार, ऊर्जा विभाग के सचिव डॉ. रोहित यादव, खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार सहित तेल कंपनियों के अधिकारी उपस्थित थे।





