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SIR में ज्यादा वोट कटे तो बढ़ा उत्साह! बंगाल की सीटों पर 95% से ज्यादा मतदान

बंगाल  :  पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के पहले चरण ने मतदान के नए रिकॉर्ड कायम कर दिए हैं। 23 अप्रैल को हुए मतदान में राज्यभर में जबरदस्त भागीदारी देखने को मिली और कुल वोटिंग प्रतिशत करीब 92.9% दर्ज किया गया, जो आजादी के बाद अब तक का सबसे अधिक माना जा रहा है।

दिलचस्प बात यह रही कि जिन इलाकों में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण अभियान (SIR) के तहत बड़ी संख्या में नाम हटाए गए थे, वहीं सबसे ज्यादा मतदान हुआ। मुर्शिदाबाद जिले की समसेरगंज सीट इसका सबसे बड़ा उदाहरण बनी, जहां 96% से अधिक वोटिंग दर्ज की गई, जबकि यहां सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए थे।

इसी तरह लालगोला, भगवानगोला, रघुनाथगंज और फरक्का जैसे क्षेत्रों में भी 96% के आसपास मतदान दर्ज किया गया। इन सीटों पर भी SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए थे, लेकिन इसके बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ।

राज्य में महिला मतदाताओं की भागीदारी पुरुषों से अधिक रही। महिलाओं ने लगभग 92.6% मतदान किया, जबकि पुरुषों का आंकड़ा करीब 90.9% रहा। इससे साफ संकेत मिलता है कि चुनाव में महिलाओं की सक्रिय भूमिका लगातार बढ़ रही है।

यह चुनाव SIR प्रक्रिया के बाद पहला बड़ा राजनीतिक मुकाबला है। चुनाव आयोग द्वारा चलाए गए इस अभियान के तहत लाखों नाम मतदाता सूची से हटाए गए, जिन्हें मृत, स्थानांतरित या डुप्लिकेट बताया गया। हालांकि इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक दलों के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह चुनाव काफी अहम माना जा रहा है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के बीच कई सीटों पर सीधा मुकाबला देखने को मिल रहा है।

मतदान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। एक ओर जहां तृणमूल कांग्रेस ने इसे जनता का मजबूत संदेश बताया, वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य की राजनीति में बदलाव के संकेत दिए।

कुल मिलाकर, भारी मतदान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि तमाम विवादों और चुनौतियों के बावजूद बंगाल के मतदाता लोकतंत्र में अपनी भागीदारी को लेकर बेहद जागरूक और सक्रिय हैं।

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