मेडिकल पीजी काउंसिलिंग में बड़ा बदलाव, समय पर प्रवेश नहीं लेने वाले छात्रों की सीट होगी रद्द

रायपुर
NEET PG Admission 2026: प्रदेश के सरकारी व निजी मेडिकल कॉलेजों के संचालित एमडी-एमएस कोर्स में आवंटित सीट को स्वीकारने के बाद छात्रों को प्रवेश लेना अनिवार्य है। ऐसा नहीं करने पर छात्र स्वत: ही प्रवेश प्रक्रिया से बाहर हो जाएंगे। यही नहीं वे आगे होने वाली काउंसिलिंग के लिए अपात्र हो जाएंगे। एमबीबीएस काेर्स में निजी कॉलेजों में ये नियम लागू नहीं था। इस बार नीट पीजी के टॉपरों में 6 को मेडिसिन, 3 को रेडियो डायग्नोसिस व एक को स्किन की सीट मिली है।
प्रदेश में पीजी की 642 सीटें हैं। इनमें सरकारी कॉलेजों में 378 व निजी कॉलेजों में 264 एमडी-एमएस की सीटें हैं। नीट पीजी क्वालिफाइड छात्रों को प्रवेश नियमों को ध्यान से पढ़ना होगा, नहीं तो उन्हें बड़ा नुकसान उठाना पड़ सकता है। नियम के अनुसार छात्र असंतुष्ट होने पर आवंटित सीट को अस्वीकार कर सकेगा। ऐसे में उनके पास अगले राउंड में बने रहने के लिए विकल्प बना रहेगा।
मेडिकल एक्सपर्ट व पूर्व डीएमई डॉ. विष्णु दत्त व हिमेटोलॉजिस्ट डॉ. विकास गोयल के अनुसार काउंसिलिंग के पहले सभी दस्तावेज होना भी जरूरी है। आवंटन सूची में नाम आने के बाद भी अगर दस्तावेज सही नहीं मिलता है तो छात्र स्वत: ही प्रवेश के लिए अपात्र माना जाएगा। निजी कॉलेजों में प्रवेश के दौरान 8 से 10 लाख निर्धारित ट्यूशन फीस जमा करनी होगी। कॉलेज बदलने पर 10 फीसदी काटकर बाकी फीस वापस करने का नियम है।
दिवाली 8 को, एडमिशन 10 तक चलेगा, कर्मियों की परेशानी बढी
पीजी की प्रवेश प्रक्रिया सोमवार को शुरू हो गई है, जो 10 नवंबर तक चलेगी। गाैर करने वाली बात ये है कि एडमिशन प्रक्रिया के दौरान ही 8 नवंबर को दिवाली है। इस दिन रविवार है, लेकिन पहले रविवार को भी एडमिशन प्रक्रिया चलती रही है। काउंसिलिंग से जुड़े कर्मचारियों व अधिकारियों का कहना है कि दिवाली जैसे त्योहार में छुट्टी दी जानी चाहिए। 9 नवंबर को कोई त्योहार नहीं है, लेकिन 10 को गोवर्धन पूजा व 11 नवंबर को भाई दूज है।
इन कॉलेजों में पीजी की सीटें
कॉलेज – कुल – आल इंडिया – स्टेट – एनआरआई
रायपुर – 146 – 74 – 92 – 00
बिलासपुर – 91 – 43 – 48 – 00
राजनांदगांव – 18 – 09 – 09 – 00
जगदलपुर – 28 – 15 – 13 – 00
रायगढ़ – 42 – 21 – 21 – 00
अंबिकापुर – 40 – 20 – 20 – 00
कोरबा – 13 – 07 – 06 – 00
रिम्स – 63 – 54 – 00 – 09
बालाजी – 100 – 85 – 00 – 15
शंकराचार्य – 101 – 86 – 00 – 15
कुल – 642





