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छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक : शहरी गैस नीति 2026 को मंत्रिपरिषद की मंजूरी, खेल अधोसंरचना और जनसहायता पर भी बड़े फैसले

प्राकृतिक गैस आपूर्ति के विस्तार, क्रिकेट अकादमी के लिए भूमि आवंटन और हजारों हितग्राहियों को राहत राशि स्वीकृत

रायपुर। विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में आज कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए, जिनका सीधा प्रभाव राज्य के शहरी विकास, खेल अधोसंरचना और सामाजिक सहायता तंत्र पर पड़ेगा।

छत्तीसगढ़ कैबिनेट बैठक में सबसे अहम निर्णय ‘‘छत्तीसगढ़ शहरी गैस वितरण नीति, 2026’’ को मंजूरी देने का रहा। इस नीति के माध्यम से राज्य में स्वच्छ और किफायती प्राकृतिक गैस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी, जिससे आम उपभोक्ताओं को एलपीजी के मुकाबले सस्ता विकल्प मिल सकेगा। पाइपलाइन नेटवर्क के विस्तार से शहरी क्षेत्रों में गैस आपूर्ति तेज और सुगम होगी, जिससे ईंधन व्यवस्था अधिक सुविधाजनक बनेगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा, ईंधन उपयोग में विविधता आएगी और राज्य में पाइपलाइन अधोसंरचना के विकास के साथ निवेश एवं रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।

खेल क्षेत्र को बढ़ावा देने की दिशा में मंत्रिपरिषद ने एक और महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राजनांदगांव जिला क्रिकेट एसोसिएशन को आधुनिक खेल मैदान और क्रिकेट अकादमी के निर्माण हेतु 5 एकड़ भूमि रियायती दर पर आवंटित करने की स्वीकृति दी। यह भूमि सूर्यमुखी देवी राजगामी संपदा के अंतर्गत दर्ज है। इस फैसले से क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

सामाजिक सरोकारों को ध्यान में रखते हुए मंत्रिपरिषद ने मुख्यमंत्री के स्वेच्छानुदान मद से 6 हजार 809 व्यक्तियों और संस्थाओं को लगभग 11 करोड़ 98 लाख 84 हजार रुपये की आर्थिक सहायता राशि प्रदान करने की स्वीकृति दी। यह राशि जरूरतमंदों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने और विभिन्न परिस्थितियों में उन्हें संबल देने के उद्देश्य से दी जा रही है, जिससे सामाजिक सहयोग की भावना भी सुदृढ़ होगी।

प्रशासनिक स्तर पर भी एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए मंत्रिपरिषद ने वर्ष 1988 बैच के तीन भारतीय पुलिस सेवा अधिकारियों संजय पिल्ले, आर.के. विज और मुकेश गुप्ता के संबंध में पूर्व में जारी पदावनति आदेश (26 सितंबर 2019) का पुनर्विलोकन कर उसे निरस्त करने का फैसला लिया। साथ ही, 24 सितंबर 2019 को लिए गए संबंधित निर्णय को भी अपास्त करते हुए उस निर्णय के पालन में जारी सभी आदेशों को पूर्व स्थिति में पुनर्जीवित मान्य किया गया है। यह निर्णय प्रशासनिक तथ्यों और परिस्थितियों के व्यापक परीक्षण के बाद लिया गया।

Editorial Desk

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