केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का बड़ा ऐलान – नक्सल मुक्त गांवों को मिलेंगे 1 करोड़ रुपये, बस्तर पंडुम को मिलेगा राष्ट्रीय महोत्सव का दर्जा
बस्तर अब बंदूक नहीं, विकास की आवाज से जाना जायेगा - केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह; बस्तर के लोग अब विकास की ओर: नक्सलवाद के खात्मे के साथ लौटेंगे बस्तर के सुनहरे दिन - मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर/दंतेवाड़ा। आदिवासी अस्मिता, संस्कृति और विकास की नई सुबह लेकर आया बस्तर पंडुम 2025 आज ऐतिहासिक समापन के साथ समाप्त हुआ। दंतेवाड़ा में आयोजित समापन समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बस्तर को बंदूक नहीं, विकास की आवाज से पहचाने जाने वाला क्षेत्र बताते हुए कई बड़ी घोषणाएं कीं।
बस्तर पंडुम बनेगा राष्ट्रीय महोत्सव, मिलेगी अंतरराष्ट्रीय पहचान
केंद्रीय गृह मंत्री ने बस्तर पंडुम को अगले वर्ष से राष्ट्रीय महोत्सव के रूप में मनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि देशभर के आदिवासी कलाकारों को इसमें शामिल किया जाएगा और बस्तर की अनूठी संस्कृति को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
हर नक्सल मुक्त गांव को 1 करोड़ की विकास निधि
श्री शाह ने नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक रणनीति की घोषणा करते हुए कहा कि जो गांव नक्सलियों के आत्मसमर्पण में सहयोग करेंगे, उन्हें “नक्सल मुक्त गांव” घोषित कर 1 करोड़ रुपये की विशेष विकास निधि दी जाएगी। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को पुनर्वास और सम्मान का आश्वासन भी दिया गया।
तेंदूपत्ता की सीधी खरीदी और बिचौलियों का अंत
केंद्रीय गृह मंत्री ने बताया कि अब तेंदूपत्ता की खरीदी 5500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से की जा रही है, और इसका भुगतान सीधे आदिवासियों के खातों में किया जा रहा है, जिससे नक्सल नेटवर्क की फंडिंग पर असर पड़ा है।
47 हजार कलाकारों की भागीदारी, बस्तर में दिखा सांस्कृतिक गौरव
12 मार्च से 5 अप्रैल तक चले इस आयोजन में 1850 ग्राम पंचायतों सहित 12 नगर पंचायतों और 8 नगर परिषदों से कुल 47,000 कलाकारों ने भाग लिया। अगले वर्ष इस आयोजन को 12 श्रेणियों में विस्तारित करने की घोषणा की गई।
बस्तर का नया सपना: कलम और कंप्यूटर की शक्ति
श्री शाह ने कहा कि बस्तर का असली विकास तब होगा जब यहां से डॉक्टर, कलेक्टर, इंजीनियर और प्रशासनिक अधिकारी निकलेंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं के माध्यम से हर गांव में स्कूल, दवाखाना, राशन और आधार कार्ड की सुविधा सुनिश्चित की जाएगी।
मुख्यमंत्री साय ने दिया विश्वास – बस्तर लौटेगा अपने सुनहरे दिनों में
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार ने 31 मार्च 2026 तक देश को नक्सल मुक्त करने का संकल्प लिया है। उन्होंने बताया कि बस्तर ओलंपिक में 1.65 लाख युवाओं और बस्तर पंडुम में 47 हजार कलाकारों की भागीदारी इस बदलाव की गवाही देती है।
धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना: 80,000 करोड़ की ऐतिहासिक पहल
मुख्यमंत्री ने कहा कि 6500 आदिवासी गांवों में धरती आबा ग्राम उत्कर्ष योजना के अंतर्गत सर्वांगीण विकास किया जाएगा। इसके साथ ही पीएम जनमन योजना से विशेष पिछड़ी जनजातियों तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
बस्तर पंडुम को मिला गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान
उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा कि इस आयोजन में आदिवासी जीवनशैली, लोक कलाओं और संस्कृति की जीवंत प्रस्तुति ने बस्तर को गोल्डन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में स्थान दिलाया है।
“बस्तर में अब गोलियों की नहीं, स्कूल की घंटी गूंज रही है” – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री केवल दिल्ली से नीतियाँ नहीं बनाते, बल्कि बस्तर आकर लोगों की पीड़ा को महसूस करते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय को बस्तर की मिट्टी से जुड़ा पहला आदिवासी मुख्यमंत्री बताते हुए उन्हें जनजातीय समाज का सच्चा हितैषी बताया।
समापन समारोह में कृषि मंत्री रामविचार नेताम सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।